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पौधों को कीटों से बचाती हैं ये तरह तरह की स्टिकी ट्रैप.

  • Agri Phero Solutionz
  • May 9
  • 5 min read


किसान साथियों खेती करने में अनेक प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है उनमें से सबसे ज्यादा फसलों को नुकसान करने वाला कीट पतंग होते हैं इन कीट पतंग पतंग से बचने के लिए अक्सर किस रासायनिक उत्पादों का प्रयोग करते है रासायनिक उत्पादों का अत्यधिक प्रयोग करने से मिट्टी की गुणवत्ता और वातावरण पर दुष्प्रभाव होता है जिसके कारण अनेक तरह के बीमारियां और मिट्टी की उर्वरता धीरे-धीरे कम होती जाती है लेकिन अब कई किसान इन समस्याओं से निपटने के लिए तथा मिट्टी की गुणवत्ता और वातावरण को सुरक्षित रखने के लिए पर्यावरण अनुकूल तकनीक का प्रयोग कर रहे हैं

तो आईए जानते हैं हम बिना रासायनिक उत्पादों का प्रयोग किए बिना अपनी फसल तथा वातावरण , मिट्टी की गुणवत्ता को कैसे बरकरार रखें और कैसे बिना किसी भी रासायनिक उत्पादन के अपनी फसल को कीटों से सुरक्षित रखें।


स्टिकी-ट्रैप के प्रकार:

किसान साथियों इसके लिए हम कुछ खास तरह के ट्रैप का इस्तेमाल करते हैं जिन्हें हम मुख्य तौर पर इस स्टिकी ट्रैप कहते हैं यह एक पतली चिपचिपी शीट की तरह होती है यह विभिन्न प्रकार के रंगों में उपलब्ध है खासतौर पर तीन रंगों में बाजार में प्रचलित है जो की अलग-अलग कीटों के लिए अलग-अलग रंगों के ट्रैप का इस्तेमाल किया जाता है ,जो कि पीला नीला और सफेद रंग का होता है यह तीन रंग स्टिकी ट्रैप भिन्न-भिन्न प्रकार के कीटों आकर्षित करने के लिए लिए उपयोग किया जाता है

पीला स्टिकी ट्रैप:

पीले रंग का स्टिकी ट्रैप किसानों के बीच में काफी प्रचलित है यह अत्यंत ही प्रभावी का और उपयोगी साबित हुआ है इसके प्रयोग से न केवल पर्यावरण सुरक्षित रहता है बल्कि मिट्टी की उर्वरता साथ ही साथ फसलों की गुणवत्ता पर भी काफी अच्छा प्रभाव होता है यह ट्रैप मुख्य रूप से कुछ हानिकारक कीटों को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है यह मुख्य रूप से फसलों को नुकसान पहुंचाने वाली सफेद मक्खी लीफ माइनर और जैसे जैसे कीटों के लिए उपयोग में लाया जाता है यह किट पीले रंग से काफी आकर्षित होते हैं, और यह किट चिपचिपा सीट में चिपक जाते हैं जिस कारण धीरे-धीरे कीटों की संख्या कम होने लगती है इससे फसल पर होने वाले नुकसान भी धीरे-धीरे कम होने लगता है साथ ही साथ फसलों फसल का स्वास्थ्य भी अच्छा होता है और इससे पैदावार में वृद्धि होती है किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले फसलों की प्राप्ति होती है

नीले स्टिकी ट्रैप:

नील रंग का स्टिकी ट्रैप खेत तथा बागवानी में उड़ने वाले तथा रस वाले कीटों को नियंत्रण करने के लिए अत्यंत ही सुरक्षित और प्रभावी माना जाता है उनकी तो के लिए यह प्रयोग होता है जो पौधे की पत्तियां तथा फलों और फूलों का रस चूस कर फसल की विकास पर प्रभाव डालते हैं उन प्रमुख कीटों का थ्रिप्स, लीफहॉपर, कुकुम्बर बीटल और कुछ प्रकार की मक्खियाँ इस ट्रैप की ओर जल्दी आकर्षित होती हैं और इसकी चिपचिपी सतह पर फंस जाती हैं।

नीला रंग छोटे-छोटे ट्रिप इत्यादि कीटों को अपनी ओर आकर्षित करता है यह फल तथा सब्जियों के रस चूस कर उनके पतियों तथा फलों की गुणकता को खराब कर देता है जिस कारण अधिक मुनाफा नहीं होता और किसान को काफी नुकसान का सामना करना पड़ता है यह तरीका बिना किसी रासायनिक दवा के इस्तेमाल के कीट नियंत्रण में मदद करता है, जिससे फसल सुरक्षित रहती है और उत्पादन बेहतर होता है। सफेद रंग स्टिकी ट्रैप:

सफेद रंग होने के कारण इस ट्रैप में छोटे-छोटे कीटो को अपनी ओर काफी आकर्षित होते हैं यह किट फसल की पत्तियां तथा उसके फलों को काफी नुकसान पहुंचाते हैं यह खास तौर पर फ्ली बीटल, रेड माइट, थ्रिप्स और अन्य उड़ने वाले छोटे कीटो के लिए प्रयोग किया जाता है इसका सफेद रंग के कारण किट आकर्षित हो जाते हैं और इसके चिपचिपी सतह पर जैसे ही बैठते हैं वह फस जाते हैं , जिससे इनकी संख्या में कमी होने लगती है सफेद इस ट्रिकी ट्रैप लगाने का मुख्य उद्देश्य छोटे-छोटे लेकिन काफी नुकसानदायक कीटो से फसल को सुरक्षित रखना।

स्टिकी ट्रैप लगाने की विधि:

स्टिकी ट्रैप लगाना बहुत ही आसान और किफायती पर्यावरण अनुकूल उपाय है यह किसी भी रासायनिक उत्पादों पर निर्भर नहीं रहता यह फसलों के नुकसान पहुंचाने वाले कीटों की संख्या को कम कर देता है तो हम जानते हैं कि स्टिकी ट्रैप को कैसे लगे और कब लगाए कहां लगाए?

प्रति एकड़ कितने ट्रैप लगेगे:

फसल तथा कीटों के स्थिति के अनुसार ट्रैप की संख्या बढ़ती और घटती है

पीला स्टिकी ट्रैप अगर फसल में कीटों का प्रयोग अत्यधिक होता है तो प्रति एकड़ 20 से 30 ट्रैप लगाए जाते हैं अगर केवल निगरानी के लिए लगाना हो तो 4 से 6 ट्रैप प्रति एकड़ लगा सकते हैं , नीला स्टिकी ट्रैप 20 से 30 स्ट्रैप प्रति एकड़ , सफेद ट्रैप 20 से 30 प्रति एकड़ , मिश्रित की प्रकोप होने पर 10 से 20 ट्रैप प्रति एकड़ और गंभीर स्थिति में 25 से 50 ट्रैक प्रति एकड़ लगाया जा सकते हैं

ट्रैप लगाने की विधि:

ट्रैप लगाने के लिए हमें कुछ बातों का बारीकी से ध्यान रखना चाहिए, ट्रैप को पौधे की ऊपरी सतह से लगभग 10 से 14 सेंटीमीटर ऊपर लटकाया जाता है जैसे-जैसे पौधा की वृद्धि होती है ट्रैप की ऊंचाई भी बढ़ती है यह सबसे उपयुक्त होता है , सही दिशा में लगाना जैसे की ट्रैप को पूरब और पश्चिम की दिशा में लगाना सबसे बेहतर माना जाता है जिससे किट अधिक प्रभावित होते हैं ट्रैप लगाने से पहले उसका सुरक्षात्मक कर पेपर अवश्य हटा देता की चिपचिपी सात सक्रिय हो जाए

ट्रैप कितने समय तक काम करता है:

इसकी इसकी अवधि कई महीनो तक होती है इसका चिपचिपा पन कई महीनो तक बरकरार रहता है लेकिन इसकी सतह 70% तक कीटो या धूल से भर जाए तो उसे तुरंत ही बदल देना चाहिए

स्टिकी ट्रैप कहां से खरीदें?

किसान साथियों यदि आप अच्छी गुणवत्ता और उच्च यदि आप उच्च गुणवत्ता वाले स्टिकी ट्रैप खरीदना चाहते हैं तो आप Agriphero Solutionz से खरीद सकते हैं। क्योंकि यह आपको देता है,उच्च गुणवत्ता वाले ट्रैप जो कि लंबे समय तक चिपचिपाहट बरकरार रहती है जिससे कीटों को नियंत्रण के लिए काफी प्रभावित है| 

किसान के लिए काफी किफायती और उच्च मूल्य पर उपलब्ध होता है यह अलग-अलग फसलों के लिए उपयुक्त है जो कि आपको बेहतर परिणाम देता है|

निष्कर्ष

स्टिकी ट्रैप एक बहुत ही किफायती और सरल पर्यावरण अनुकूल तकनीक है जो कि बिना किसी रसायन के कीटों को नियंत्रित करने में काफी प्रभावित होता है, जहां कम लागत में बेहतर उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादन की प्राप्ति की जा सकती है और भविष्य के लिए खेती को संरक्षित किया जा सकता है इससे मिट्टी की उर्वरता बरकरार रहती है और वातावरण पर दुष्प्रभाव नहीं पड़ता है


पीला,नील सफेद रंग के ट्रैप अलग-अलग प्रकार के कीटों  को नियंत्रित करने के लिए के लिए उपयोग किया जाता है| इससे न केवल वातावरण सुरक्षित होता है, साथ ही साथ उच्च गुणवत्ता वाले फसलों की प्राप्ति होती है जो कि स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा होता है ट्रैप को सही संख्या उचित स्थान और उचित समय पर ट्रैप लगाने से इसका काफी अच्छा प्रभाव देखने को मिलता है|


अगर आप TRAP खरीदना चाहते हैं या ज़्यादा जानकारी चाहते हैं तो मुझे इस नंबर पर कॉल करें: अभी ऑर्डर करें और फ़सल बचाएं: +91 9948111186, 9515024282

 
 
 

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